सांस्कृतिक सृजनशीलता की ओर एक कदम...
आजकल पठन संस्कृति को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। वास्तव में ‘पुस्तक पठन’ संस्कृति को खतरा पैदा हो गया है। पठन संस्कृति अबाधित है और वह अबाधित रहेगी। क्योंकि, किताबों के साथ-साथ स्मार्टफोन, ई-बुक, ई-मैग्जीन जैसे आधुनिक युग के अनुकूल माध्यम उपलब्ध हो गए हैं। इसी आधुनिकता का दामन थामते हुए हमने यह कदम उठाया है... 'अवांतर' यह वेबसाइट!
‘अवांतर’ एक वेब प्लेटफ़ॉर्म है, जो विचार, साहित्य, कला और संस्कृति के सृजनात्मक प्रवाह को समर्पित है। विभिन्न विषयों पर लेख, कविता, कहानी और विचार आप तक पहुँचाने का यह प्रयास है। दैनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में मिलने वाले कुछ पलों के सुकून को सार्थक बनाना, उत्तम साहित्य के माध्यम से पाठकों को नए दृष्टिकोण देना, विचारों को गति देना और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करना, हमारा इसके पीछे का उद्देश्य है।
‘अवांतर’ के माध्यम से विभिन्न लेखकों, कवियों, विचारकों और कलाकारों को एक अपनी वेबसाइट उपलब्ध कराई गई है। उनका विविधतापूर्ण साहित्य और जानकारी दुनिया के सामने रखने के लिए एक खुला मंच—यही इस वेबसाइट का स्वरूप है। ‘अवांतर’ के ज़रिए हम मराठी भाषा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को नई दिशा देते हुए, उसे आधुनिक युग से जोड़े रखने का प्रयास कर रहे हैं।
इस वेबसाइट का नाम ‘अवांतर’ सोच-समझकर दिया गया है। किसी एक विचार या विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता न दिखाते हुए, सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का एक निष्कपट उद्देश्य इसके पीछे है। हमारे इस सफ़र में लगभग 25 से 30 लेखक, कवि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और शिक्षाविद् हमारे साथ हैं। लेकिन हमारा यह सफ़र आपके बिना अधूरा है। सृजनशीलता के इस सफ़र में आप सभी भी शामिल हों!
संपादकीय मंडल
- मनोज शरद जोशी (संपादक)
- आराधना जोशी (कार्यकारी संपादक)
- चिन्मय आचार्य (कानूनी सलाहकार)
- भालचंद्र गोखले (आर्थिक सलाहकार)
- गार्गी देवधर (सलाहकार)